हिंदी सिनेमा में होली के रंग और गीतों का अपना खास महत्व है. सिनेमा में होली के रंग और गीतों ने हमेशा से पूरे समाज का भरपूर मनोरंजन किया है. कल्पना कीजिए. अगर सिनेमा में होली गीत नहीं होते तो आज हम किसकी धुन पर थिरकते. होली के लोकगीत अब गांव तक सीमित हो चुके हैं. मथुरा, वृंदावन या बरसाने में होली का लोकस्वर देखने सुनने को मिलते हैं. जबकि देश के तमाम भागों में फिल्मी होली गीतों की धुन छाई रहती है. ऐसे में हिंदी फिल्मों के कुछ मोस्ट पॉपुलर होली गीतों की चर्चा करते हैं. जानने का प्रयास करते हैं होली की शुरुआत फिल्मों में कब से होती है. पहला होली गीत कौन सा है. आज की तारीख में फिल्मों में होली धीरे-धीरे कम क्यों होती जा रही है?
हालांकि ढाई तीन दशक पहले ऐसा नहीं था. साठ और सत्तर के दशक में तो होली फिल्मों के हिट कराने का फॉर्मूला थी. जहां तक होली के पहले गीत की बात आती है तो इसे चालीस के दशक की फिल्म में देखा सुना जा सकता है. होली का पहला गीत सन् 1940 की फिल्म औरत में देखने को मिलता है. यह फिल्म महबूब खान ने बनाई थी. जिसका रीमेक मदर इंडिया के तौर पर हुआ था.
औरत में होली के दो गीत थे. एक था- जमुना तट शाम खेले होली… और दूसरा गीत था- आज होली खेलेंगे साजन के संग… संगीतकार थे- अनिल विश्वास. ऐसा माना जाता है हिंदी सिनेमा में बकायदा होली की शुरुआत 1940 की फिल्म औरत से ही होती है. हालांकि मेरा मानना है कि इस दिशा में अभी और अनुसंधान किये जाने की जरूरत है.